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Thursday, January 30, 2020

गांधी वध

गांधी वध

जैसी करनी तूने की थी,
वैसा तुझ को भरना ही था..
भारत मां की लाज लूटने वाले ,
गांधी तुझ को मरना ही था ..

तू लाख गवा ले अपने गीत,
तू लाख बना ले झुटे मीत
"साबरमती के संत" बनकर
देश को पागल बना कर गया

तुझे दर्द नही कि हिंदू ,
मार दहाडे रोया था क्यों ,
तुझे फर्क नही कि नेहरू जब,
अपना काम ही करता था क्यों ?

असल मे तेरी रूह को भी ,
नथू की पिस्टल से डरना ही था,
भारत मां की लाज लूटने वाले ,
गांधी तुझ को मरना ही था...

तू भगत और चंद्रशेखर का दोषी ,
बिस्मिल सुभाष पर भी खामोशी ,
टिळक आगरकर भुलाके तुने
अपना नाम और काम चलाया तुने

तुझे नही दिखता था कभी,
सुखदेव बलि चढ जायेगा ,
सिर्फ 19 साल का खुदीराम ,
कैसे अन्ग्रेजों से लड पायेगा ??

नहीं दिखा सावरकर का अंदमान
सिर्फ दिखा स्वार्थ और खुदका मान
नहीं सुना वल्लभ का स्वर
किया हमेशा का अपना नाम

पाकिस्तान का जनम देनेवाले
पचपन करोड के पापी
किसी वीर को तेरे वध की खातिर
स्वर्ग लोक से उतरना ही था

मुसलमानो का अलग बनवाया देश
फिर भी प्यार कम नहीं हुवा उनसे
भारत मां की लाज लूटने वाले,
गांधी तुझ को मरना ही था..

मंदार कुलकर्णी
३० जाने २०२०

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